Surkanda Devi (सुरकंडा देवी) Temple First Snowfall of the Year || A day ...
साल के शुरुवाती दिनों में अगर बर्फ पड़ जाये तो मजा ही आ जाता है। इस साल भी ऐसे ही कुछ हुआ साल शुरू होते ही पहले हफ्ते ही बर्फ़बारी होना शुरू हो गयी। हर साल हम अपने साल के शुभ कार्यो के लिए माँ सुरकंडा देवी के मंदिर जरूर जाते है और इस बार जब हमने जाने का सोचा था तो ये भी तय था की माँ सुरकंडा अपना आशीर्वाद बरसाएगी जरूर। मै शिवांक और गौरव, हम तीनो ने अपनी यात्रा शुरू की और बारिश शुरू हो गयी। सुरकंडा के निचे कद्दूखाल में बर्फ गिरना शुरू हो गया फिर तो बस हम इतना खुश हो गए की अब बर्फ हो या बत्त्वानी अब माँ सुरकंडा देवी के पास दर्शन के लिए जाना हे जाना है। जैसे जैसे हम मंदिर की और बड़े तो देखा सब लोग अपने परिवार अपने दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे है। छोटे छोटे बच्चे बर्फ का आनंद उठाते उठाते मंदिर की तरफ जा रहे है। सबको खुश देख कर इतना सुकून मिलता है। फिर मंदिर में पहुंचे तो वहाँ ज्यादा बर्फ गिरने लगी।
मंदिर परिसर में जूते या चप्पल ले जाना अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि मंदिर एक स्वच्छ स्थान है। तो हम वहाँ नंगे पाँव गए। नंगे पाँव बर्फ में चलने का मज़ा ही कुछ और था। आखिरकार हमने वहाँ दर्शन किये और मंदिर में कुछ समय गुजारने के बाद वहाँ से फिसलते फिसलते निचे आये।
माँ सुरकंडा देवी हमारे मुल्क की सबसे परचम देवी है। माँ सुरकंडा हमें अपने आशीर्वाद से खुशहाल रखती है। मै माँ भगवती से यही कामना करूँगा की आप सभी की मनोकामना पूर्ण हो और आप हमेशा खुश रहे।
जय माँ सुरकंडा।
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