Story of Surkanda Devi ( सुरकंडा देवी सिद्धपीठ )
Story of Surkanda Devi ( सुरकंडा देवी सिद्धपीठ की कहानी ) माता सती और भगवान शिव की कहानी Turn on English Subtitles or CC. पौराणिक कहानियों के अनुसार सती माता राजा दक्ष की पुत्री थी जिनका प्रेम विवाह शिव भगवान से हुआ। दक्ष प्रजापति ने एक भवय यज्ञ करवाया । उसस यज्ञ में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र और अन्य देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया, लेकिन जान-बूझकर भगवान शंकर को नहीं बुलाया। शंकरजी की पत्नी और दक्ष की पुत्री सती पिता द्वारा न बुलाए जाने पर और शंकरजी के रोकने पर भी यज्ञ में भाग लेने गईं। यज्ञ-स्थल पर सती ने अपने पिता दक्ष से शंकर जी को आमंत्रित न करने का कारण पूछा और पिता से उग्र विरोध प्रकट किया। इस पर दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर को अपशब्द कहे। इस अपमान से पीड़ित हुई सती ने अपने तेज़ से अपने शरीर को अग्नि में समर्पित किया। भगवान शंकर जब वह प्रकट हुए तो क्रोध में आकर उन्होंने राजा दक्ष का सर धड़ से अलग किया। भगवान शंकर ने सती माता के जलते हुए शरीर को उठाकर पृथ्वी के चारो और चक्कर लगाने लगे। सम्पूर्ण विश्व को प्रलय से बचाने के लिए जगत के पालनकर्त्ता भगवान विष्णु ने चक्र से सती के श...